प्रवेश के पूर्व चयनित अभ्यर्थियों को अपना मूल प्रमाण–पत्र जांच हेतु प्रस्तुत करना होगां प्रमाण–पत्र असत्य⁄फर्जी पाये जाने की दशा में दोषी अभ्यर्थी के विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी तथा वह प्रवेश का हकदार नही होगा।